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Wednesday, 15 February 2012

टाटा मोटर्स का मुनाफा 40.5 फीसदी बढ़कर 3,406 करोड़ रुपये हो गया मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास


टाटा मोटर्स का मुनाफा 40.5 फीसदी बढ़कर 3,406 करोड़ रुपये हो गया
मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
वित्त वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में टाटा मोटर्स का मुनाफा 40.5 फीसदी
बढ़कर 3,406 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर
तिमाही में टाटा मोटर्स का मुनाफा 2,424 करोड़ रुपये रहा था।आटो क्षेत्र
की मौजूदा चुनौतियों के मद्देनजर टाटा मोटर्स की यह उपलब्ध महत्वपूर्ण
मानी जा रही है।पिछले 1 महीने में टाटा मोटर्स में 35-40 फीसदी तक की बढ़त
आ चुकी है।दूसरी ओर निजी क्षेत्र की प्रमुख बिजली उत्पादक कंपनी टाटा
पावर इंडोनेशिया में संयुक्त उद्यम में 240 मेगावाट की भूताप परियोजना
में 12.5 करोड़ डालर के निवेश से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगी। टाटा पावर
गठजोड़ के भागीदारों ऑस्ट्रेलिया की ओरिजियान एनर्जी और इंडोनेशिया की
पीटी सुपराको के साथ उत्तरी सुमात्रा में सोरिक मरापी भूताप बिजली
परियोजना विकसित करेगी। टाटा पावर के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने
प्रेट्र से कहा, ''इस परियोजना पर कुल 85 करोड़ डालर की लागत आने का
अनुमान है। इसमें से 30 प्रतिशत (करीब 25 करोड़ डालर से कुछ अधिक)
वित्तीय प्रबंध शेयर पूंजी के रूप में होगा।''  टाटा परवर करीब 50
प्रतिशत शेयर पूंजी डालेगी तथा बाकी शेयर दूसरे भागीदारों के पास होंगे।

टाटा मोटर्ज ने बढ़ती लागत से निपटने के लिए शुक्रवार को कहा कि उसने
नैनो और प्रीमियम कार आरिया को छोडक़र अन्य सभी माडलों की कीमतें 12,000
रुपए तक बढ़ा दी हैं। कंपनी ने कहा कि देश भर में कीमत बढ़ौतरी कल से
प्रभावी होगी। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि नैनो और आरिया की कीमतें नहीं
बढ़ाई गई हैं। पिछले महीने अन्य प्रमुख वाहन कंपनियों मारुति सुजूकी और
जनरल मोटर्ज ने कीमतों में 17,000 रुपए तक की बढ़ौतरी की। मारुति ने
डिजायर को छोडक़र अपने वाहनों की कीमत में 0.3 फीसदी से 3.4 फीसदी की
बढ़ौतरी की है जो 2400 रुपए से लेकर 17,000 रुपए तक बैठती है।

पर ट्रकों के उत्पादन में वर्चस्व रखने वाले टाटा मोटर्स के लिए बुरी खबर
यह है कि  सरकार ने ट्रकों और मालवाहक गाड़ियों के लिए नैशनल परमिट फी 10
फीसदी तक बढ़ाकर सालाना 16,500 रुपए प्रति गाड़ी कर दिया है। कुछ राज्यों
द्वारा राजस्व नुकसान की शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया
गया।हालांकि, ट्रक मालिकों के निकाय ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस
ने कहा कि वे इस कदम का विरोध करेगा क्योंकि नैशनल परमिट फी बढ़ाए जाने
से देश में करीब 70 लाख मालवाहक वाहनों में से करीब 20 लाख ट्रकों का
परिचालन प्रभावित होगा।

परिवहन विकास परिषद की बैठक के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी
जोशी ने कहा, 'हमने ट्रकों के लिए नैशनल परमिट फी बढ़ाकर 16,500 रुपये
प्रति ट्रक कर दी है।' जोशी ने कहा कि प्रमुख राज्यों ने कुल फी 15-20
फीसदी तक बढ़ाने का अनुरोध किया था, जो अभी तक सालाना 15,000 रुपए प्रति
ट्रक था। उन्होंने कहा कि लेकिन बैठक में मौजूद प्रमुख ट्रांसपोर्ट संघों
के साथ विस्तृत बातचीत के बाद 10 फीसदी बढ़ोतरी पर आम सहमति बनी। यह भी
सहमति बनी कि दो साल बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।


कैपिटल गुड्स, रियल्टी, ऑटो शेयरों में आई जोरदार खरीदारी से बाजार चढ़े।
सेंसेक्स 76 अंक चढ़कर 17849 और निफ्टी 28 अंक चढ़कर 5418 पर बंद
हुए।शानदार तिमाही नतीजों की वजह से टाटा मोटर्स के शेयरों में करीब 4
फीसदी की तेजी आई। एलएंडटी, एसबीआई, मारुति सुजुकी, हिंडाल्को, हीरो
मोटोकॉर्प, एमएंडएम 4-3 फीसदी तेज हुए।

एशियाई बाजारों में कमजोरी की वजह से घरेलू बाजार हल्की गिरावट के साथ
खुले। हालांकि, शुरुआती कारोबार में ही बाजार हरे निशान में पहुंच गए।

मौजूदा वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में टाटा मोटर्स का राजस्व
43 फीसदी बढ़कर 45,260 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं वित्त वर्ष
2011 की तीसरी तिमाही में टाटा मोटर्स का राजस्व 31,685 करोड़ रुपये रहा
था।

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में टाटा मोटर्स ने कुल 2.31 लाख गाड़ियां बेची
हैं। इस दौरान टाटा मोटर्स को 164 करोड़ रुपये का फॉरेक्स घाटा हुआ है।
तीसरी तिमाही में जेएलआर की बिक्री 36.7 फीसदी बढ़कर 86,322 यूनिट रही
है।

वित्त वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में जेएलआर की बिक्री 41 फीसदी बढ़कर
3.7 अरब पाउंड रही। तीसरी तिमाही में जेएलआर का मुनाफा सालाना आधार पर 28
करोड़ पाउंड से बढ़कर 44 करोड़ पाउंड हो गया है। जेएलआर का एबिटडा 62.8
फीसदी बढ़कर 75.2 करोड़ पाउंड हो गया है। टाटा मोटर्स का एबिटडा सालाना
आधार पर 15.4 फीसदी से घटकर 14.8 फीसदी हो गया है।महंगाई दर में अनुमान
के मुताबिक गिरावट रहने से बाजार में जोश आया। दरों में जल्द कटौती की
उम्मीद से बैंक, रियल्टी और ऑटो शेयर चढ़े।

यूरोपीय बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार में तेजी कायम रही।
मूडीज द्वारा स्पेन, पुर्तगाल समेत 9 देशों की रेटिंग घटाए जाने की वजह
से यूरोपीय बाजार गिरे हैं।

कारोबार के आखिरी आधे घंटे में बाजार ने रफ्तार पकड़ी और सेंसेक्स-निफ्टी
0.5 फीसदी चढ़े।

रुपये में मजबूती लौटने से कैपिटल गुड्स शेयर 2.5 फीसदी चढ़े। रियल्टी,
ऑटो शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।
बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर 0.75 मजबूत हुए।

आईटी, तकनीकी, एफएमसीजी, पावर, मेटल और सरकारी कंपनियों के शेयर भी तेजी
पर बंद हुए। हेल्थकेयर 0.5 फीसदी और ऑयल एंड गैस 0.25 फीसदी गिरे।


सिप्ला 6.25 फीसदी और टाटा पावर 3.5 फीसदी टूटा। ओएनजीसी, भारती एयरटेल,
जिंदल स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज ऑटो, गेल, कोल इंडिया, टीसीएस 1.5-0.5
फीसदी कमजोर हुए।
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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/