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Friday, 16 March 2012

टैक्स न बढ़ाकर इंडस्ट्री को राहत, आम आदमी पर बोझ और सुधार की गोड़ी ब्रेकफेल!रक्षा बजट को करीब 17 फीसदी बढ़ाकर 1,93,407 करोड़ रुपए कर दिया गया!

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टैक्स न बढ़ाकर इंडस्ट्री को राहत, आम आदमी पर बोझ और सुधार की गोड़ी ब्रेकफेल!रक्षा बजट को करीब 17 फीसदी बढ़ाकर 1,93,407 करोड़ रुपए कर दिया गया!

मुंबई से  एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास


यूपीए सरकार की सुधार की गाड़ी ब्रेकफेल हो गयी है। आखिरकार राजकोषीय घाटा कम करने का कोई इंतजाम नहीं हो सका। वित्तीय नीति की झलक तक नहीं देखी गयी। बजट में अप्रत्यक्ष कर बढ़ाकर राजस्व घाटा बराबर करने की कोशिश हुई! सुधार लागू न होने, डीटीसी और जीएसटी लटक जाने के बावजूत वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने बाजार, इंडस्ट्री और कारपोरेट इंडिया को खुश करने की भरसक कोशिश की है। कारपोरेट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया। कुल मिलाकर यह बजट शेयर बाजार को ध्यान में रख कर ही तैयार किया गया।  प्रत्यक्ष करों में मामूली छूट और अप्रत्यक्ष करों में आम आदमी पर दस गुणा बोझ लादकर अस्सी का दशक का बजच पेश करते हुए सभी को थोडड़ा थोड़ देकर ऱाजनीतिक मजबूरी से निजात पाने की परिणति है यह। बिजली, विनिर्माण और खनन उद्योग को प्रोत्साहन देकर इंडस्ट्री को रिझाने की कोशिश जरूर हुई है, पर विनिवेश लक्ष्य घटाकर तीस हजार करोड़ कर दिया गया। उम्मीद की जा रही थी कि इस बार इनकम टैक्स में 3 लाख तक की आय कर मुक्त होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ सिर्फ 2 लाख तक ही कर मुक्त आय का दायरा सिमट कर रह गया।गौरतलब है कि आम बजट के एक दिन पहले केंद्र सरकार ने प्रोविडेंट फंड (पीएफ) जमाओं पर ब्याज दर में 1.25 फीसदी की कटौती कर दी है। वर्ष 2011-12 के लिए पीएफ पर 8.25% ब्याज की दर तय की गई है। पिछले वर्ष पीएफ पर 9.5% ब्याज मिला था। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने गुरुवार को पीएफ पर 8.25% ब्याज दर को अधिसूचित भी कर दिया है। प्रणब ने देश में महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि अब कठोर निर्णय लेना और सुधारों की जरूरत को आवश्यक बताया। न्होंने बताया कि विनिवेश के 40 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 2011-12 में केवल 14 हजार करोड़ रुपये ही जुटाए जा सके। मल्टी ब्राड खुदरा क्षेत्र में एफ डीआई पर राज्यों के साथ सहमति बनाने के प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से हर चीज़ें महंगी होंगी!
एक्साइज़ ड्यूटी भी 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी की गई!
सर्विस टैक्स 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने का प्रस्ताव!

आर्थिक सर्वेक्षण और आरबीआई की मौद्रिक नीति घोषित होने के बाद बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।आम बजट से पहले निवेशकों द्वारा सतर्क रुख अपनाए जाने से गुरुवार को बंबई शेयर बाजार में पिछले चार सत्रों से चली आ रही तेजी का सिलसिला थम गया और सेंसेक्स 243 अंक की गिरावट के साथ 17675.85 अंक पर आ गया। वित्त मंत्री के 110 मिनट तक चले बजट भाषण के खत्म होते-होते शेयर मार्केट में गिरावट थमी और यह फिर हरे निशान पर आ गया। सेंसेक्स दोपहर डेढ़ बजे 71 पॉइंट की बढ़त पर आ गया और निफ्टी ने 32 पॉइंट की बढ़त दिखाते हुए 5400 से ऊपर आ गया। सेंसेक्स 17746.09 पॉइंट पर पहुंच गया और निफ्टी 5412.10 पॉइंट पर ट्रेड करता देखा गया। प्री ओपनिंग सेशन में तमाम शंकाओं के चलते गिरावट पर कारोबार कर रहे शेयर बाजार मार्केट खुलते ही चढ़ने लगे। बजट पेश होने के बाद कुछ घोषणाओं ने जहां बाजार में उत्साह भरा था वहीं पौने 1 बजे के आसपास बाजार गिरावट के दौर में पहुंच गया। बीएसई का सेंसेक्स तेज गिरावट दिखा रहा है।

गरीब तबकों में आज भी बजट कोई सनसनी पैदा नहीं करता। बजट ने राहत देने के बजाय कुछ ऐसे जख्म दे दिए हैं, जिसकी मार सभी वर्गो के लोगों को पड़ने वाली है। आम लोगों की तो कोई खास राय नहीं होती, पर खास लोगों​ ​ को भी यह बजट खुश नहीं कर पाया। पूंजी बाजार को बचाने के फेर में उपभोक्ताओं की जेब पर जैसी कि आशंका थी, बेरहमी से आंकड़ों की बाजीगरी दिखाते हुए वित्तमंत्री ने कैंची चला दी है।उन्होंने जहां आयकर सीमा में मामूली छूट दी,  वहीं सर्विस टैक्स और एक्साइज़ ड्यूटी में बढ़ोतरी की।  वित्त मंत्री के इस कदम से  सर्विस टैक्स 10 से 12 फीसदी हुआ। अब कुछ सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर सर्विस टैक्स लगेगा। रेस्टोरेंट में खाना, कोचिंग, फोन बिल, टीवी, फ्रिज, एसी, सीमेंट महंगा हुआ है। गोल्ड, डायमंड, प्लेटिनम, सिगरेट, पान मसाला, गुटखा के दाम भी बढ़ेंगे। पेट्रोल महंगा होने के भी पूरे आसार हैं।  वित्त मंत्री ने विपक्ष के हंगामे के बीच संसद में पेश बजट में टैक्स में तो मामूली छूट दी, लेकिन सर्विस टैक्स 2  पर्सेंट बढ़ाकर आम आदमी को जोर का झटका दे दिया है।शेयर बाजार को चंगा करने के लिए 10 लाख तक की आय वाले लोगों के लिए राजीव गांधी इक्विटी योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत शेयर बाजार में अधिकतम 50 हजार तक के निवेश पर 50 पर्सेंट की छूट मिलेगी। इस योजना का लॉकिंग पीरियड 3 साल होगा। यानी अगर 50 हजार निवेश करते हैं तो 25 हजार पर टैक्स छूट मिलेगी। इससे 10 पर्सेंट टैक्स देने वालों को 2.5 से लेकर 7 हजार का फायदा होगा। इस योजना की घोषणा होते ही शेयर मार्केट में उछाल। 171 पर्सेंट उछला।इस कदम का शेयर बाजार पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा इसमें कोई संदेह नहीं है। इससे बाजार में जबरदस्त ठोस तेजी का आधार बना है। भारत में पांच फीसदी से भी कम लोग शेयर बाजार से जुड़े हैं। अगर 30 या 40 फीसदी लोग जुड़ जाएं तो कैपिटल मार्केट का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा। बजट में शेयरी की डिलेवरी पर ट्रांजक्शन टैक्स (एसटीटी) में छूट की घोषणा की है। यह भी बाजार के लिहाज से अच्छी खबर है। जाहिर है इससे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। प्रणव ने बजट में ब्लैक धन का मुद्दा भी रखा। उन्होंने कहा कि ब्लैक मनी के मुद्दे पर सरकार दूसरे देशों से मदद लेगी सरकार। इसके साथ इसी सत्र में ब्लैक मनी पर श्वेत पत्र लगाया जाएगा।


आम बजट में रक्षा बजट को करीब 17 फीसदी बढ़ाकर 1,93,407 करोड़ रुपए कर दिया गया जो पिछले साल 1,64,415 करोड़ रुपए था। उल्लेखनीय है कि इस साल कई रक्षा सौदे होने हैं जिनमें इंडियन एयरफोरस के लिए 126 लड़ाकू विमानों की खरीद भी शामिल है। बजट में निर्धारित कुल राशि में 79,500 करोड़ रुपए आधुनिक शस्त्र प्रणाली और सैन्य साजो-सामान खरीदने पर खर्च किया जाएगा।इस साल जिन रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर होना है उनमें सेना की तीनो ब्रांचों के लिए 126 मीडियम मल्टिरोल लड़ाकू विमान, 145 अत्यधिक हल्के विमान, 197 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर समेत अन्य शस्त्र और प्रणालियां शामिल हैं। रक्षा बलों के लिए 1,93,407 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है जिसमें से 79,500 करोड़ रुपए शस्त्रों की खरीद के लिए अलग किए गए हैं। भारत ने अगले पांच से 10 साल में रक्षा खरीद पर 100 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है।  

आम बजट पेश किए जाने के बाद सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की तरक्की के लिए कड़े फैसले लेने ही होंगे।

बजट में सब्सिडी में कटौती और उसकी निगरानी के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री ने कहा,"विकास दर को बनाए रखने के लिए हमें सख्त फैसले लेने होंगे।"

हालांकि, उन्होंने साफ संकेत दिए कि कड़े फैसले लेने से पहले गठबंधन के सहयोगियों से सलाह-मशविरा ज़रूर किया जाएगा।

प्रणव मुखर्जी ने अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि कर्ज वितरण के लक्ष्य को 1,00,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 5,75,000 रुपये किए जाने की घोषणा की है। साथ ही कृषि क्षेत्र के लिए खर्च में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का इजाफा किए जाने का प्रस्ताव किया गया।कृषि और सहकारिता के लिए कुल योजनागत व्यय 2012-13 में 18 प्रतिशत बढ़ाकर 20,208 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष 2011-12 में यह 17,123 करोड़ रुपये था।' देश के पूर्वी हिस्से में हरित क्रांति लाने की योजना के लिए आवंटन अगले वित्त वर्ष के लिये 600 करोड़ रुपये बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया गया है।राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के लिए भी आवंटन 17 प्रतिशत बढ़ाकर 9,217 करोड़ रुपये किया गया है। इससे पूर्व वित्त वर्ष में यह राशि 7,860 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष में कृषि कर्ज का लक्ष्य 4,75,000 करोड़ रुपये था। अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान बैंकों द्वारा किसानों को 2,94,023 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया।


प्रणव मुखर्जी के संसद में बजट पेश करने के कुछ ही देर बाद बाजारों में उत्साह देखा जाने लगा। 2012-13 में 30 हजार करोड़ रु. के विनिवेश का लक्ष्य तय करने के ऐलान के बाद बाजार में उत्साह देखने को मिल रहा है। बैंकिंग, रीटेल और इंफ्रा के शेयरों में उछाल देखा जा रहा है।

वित्त मंत्री ने बजट में ऐलान किया कि शेयर बाजार में 50 हजार का निवेश करने वालों को 25 हजार रुपए की छूट मिलेगी। यानी छोटे निवेशकों के लिए यह फायदे का सौदा होगा चूंकि उनके लिए इस निवेश में 50 पर्सेंट की छूट होगी। मुखर्जी के इस ऐलान के बाद शेयर मार्केट में उछाल आया और सेंसेक्स 171 पर्सेंट उछल गया।

साथ ही इंफ्रा क्षेत्र में 50 लाख करोड़ का निवेश बढ़ाकर 50 लाख रुपए तक किया जाएगा। साथ ही इंफ्रा बॉन्ड में निवेश टैक्स फ्री किया जाएगा। एयरलाइन्स के लिए विदेशी कर्ज की सीमा बढ़ा कर 49 परसेंट कर दी गई है। प्रणव मुखर्जी के लुभावने से शेयर मार्केट में तेजी लगातार बढ़ रही है।


उधर , तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी के बाद यूपीए का अहम घटक दल डीएमके भी बजट सत्र में कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ाता दिख रहा है। आम बजट पेश हो रहा है और वित्त राज्य मंत्री पलिनी मणिकम संसद नहीं आ रहे हैं। डीएमके श्रीलंका में तमिल मुद्दे को लेकर सरकार से नाराज है। उधर , पीएमओ में राज्यमंत्री नारायणसामी ने इस पर कहा कि उप चुनाव में व्यस्त होने के कारण वह बजट सेशन में नहीं आ पाए। गौरतलब है कि आम बजट के बाद  रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी के मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है कि वह उनकी पार्टी के नेता दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से हटाएं और मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाएं।संसद में अब रेल बजट पर जवाब रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की जगह वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी देंगे। सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ मंत्री होने के नाते रेल बजट पर लोकसभा में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी सोमवार को जवाब देंगे। वहीं आज सुबह 10 बजे कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी भी शामिल हुए।

वित्त मंत्री ने आने वाले वर्षो में कुपोषण, काले धन और सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार से निपटना पांच प्राथमिकताओं में शामिल किया।

वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा, कुछ सब्सिडी गैर जरूरी है। सब्सिडी को जीडीपी का 2 पर्सेंट किया जाएगा। केरोसीन और घरेलू गैस की सब्सिडी सीधे लोगों के अकाउंट में ट्रांसफर का इंतजाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसडी 2012 में लागू होगा। प्रणब ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी पर नहीं हुई। 110 मिनट तक चले बजट भाषण में उन्होंने कहा कि यदि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो विश्व की अर्थव्यस्था को स्थिरता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तवर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन निराशाजनक है, परंतु इसमें आगे सुधार के संकेत दिखने लगेंगे।चालू खाते का घाटा सकल विकास दर [जीडीपी] का 3.6 प्रतिशत रहेगा। 2012-13 में जीडीपी दर 7.6 प्रतिशत रहेगी। देश के सकल निर्यात में एशिया-आसियान देशों का हिस्सा 2000-01 के 33.3 प्रतिशत से बढ़कर 53.7 प्रतिशत हुआ। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में बदलाव हो रहा है और लगता है कि विनिर्माण क्षेत्र पुनर्जीवित हो रहा है।उन्होंने बताया कि अगले तीन साल में केंद्रीय सब्सिडी घटाकर जीडीपी के 1.7 प्रतिशत तक लाने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि सुधारों की गति तेज करनी होगी। काले धन और भ्रष्टाचार की समस्याओं से निपटने के लिए आपूर्ति प्रणाली सुधारने के उद्देश्य से तेजगति से फैसले लेने होंगे।  

वित्तमंत्री ने बजट में आम करदाताओं को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा को मौजूदा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया है। अब दो लाख रुपये की आमदनी पर कोई कर नहीं लगेगा। दो लाख से पांच लाख रुपये तक 10 प्रतिशत की दर से आयकर देना होगा, जबकि पांच लाख से 10 लाख पर 20 प्रतिशत और 10 लाख से ऊपर की आमदनी पर 30 प्रतिशत कर चुकाना होगा। इसके अलावा 5 लाख रुपये सालाना आमदनी वाले लोगों को अब आयकर रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी।  दिलचस्प है कि सरकार 2012 में अनुमान के मुताबिक आयकर एकत्र नहीं कर सकी है। इस अवधि में 32000 करोड़ रूपये की कम आयकर आय हुई है।  

कहां मिली थोड़ी राहत
टैक्स छूट का तोहफाः वित्त मंत्री ने आयकर छूट की सीमा दो लाख कर दी है। टैक्स स्लैब भी बदला गया है। अब यह कुछ इस तरह से होगा...
दो लाख तक की आय - कोई टैक्स नहीं
2 से पांच लाख पर- 10 पर्सेंट
5 से 10 लाख पर- 20 पर्सेंट
10 लाख से ऊपर- 30 पर्सेंट
इस तरह 1.80 से 8 लाख तक कमाने वाले पुरुषों को सालाना अधिकतम 2 हजार का फायदा होगा। और 10 लाख या उससे अधिक कमाने वालों को अधिकतम 22 हजार 660 रुपये का फायदा होगा।  

बिल्डरों को सस्ते मकान बनाने के लिए विदेशी निवेश में भी छूट देने की इस बजट में घोषणा की गई है। बिल्डरों को सहूलियत दी है। सरकार ने फैसला किया है कि बिल्डर अब सस्ते घर बनाने के लिए विदेशी संस्थाओं से कर्ज ले सकते हैं। इतना ही नहीं फंड की समस्या से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर को नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड कंपनी वित्तीय मदद देने का काम करेगी। वहीं, सरकार इस क्षेत्र को कई अन्य रियायत देने पर भी विचार कर रही है। ऐसे में रियल एस्टेट कोरियायत से सीधा असर बिल्डरों और आम आदमी पर पड़ेगा। साथ ही कई नए आवासीय प्रोजेक्ट भी चालू किए जा सकेंगे। वहीं,प्रणब दा ने अपने बजटमें रियल एस्टेट पर खासा ध्यान देते हुए इस क्षेत्र में रियायतें बढ़ाई है। सरकार ने 25 लाख रुपये तक के मकान की कीमत पर ब्याज रियायत को जारी रखा है। वित्तीय वर्ष 2012-13 में घर के लिए कर्ज लेने वालों को ब्याज में छूट मिलेगी। आम बजट के मुताबिक 25 लाख रुपये तक के होमलोन पर ब्याज में 1 फीसदी की छूट मिलेगी।इसके अलावा सालाना स्वास्थ्य जांच को कवर करने वाले 5 हजार रुपये के स्वास्थ्य बीमा पर कर में छूट मिलेगी। वहीं, सर्विस टैक्स के दायरे से सरकारी सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन को बाहर रखने का फैसला किया गया है।  

इसके अलावा सालाना स्वास्थ्य जांच को कवर करने वाले 5 हजार रुपये के स्वास्थ्य बीमा पर कर में छूट मिलेगी। वहीं, सर्विस टैक्स के दायरे से सरकारी सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन को बाहर रखने का फैसला किया गया है।  

इंदिरा गांधी पेंशन योजना के तहत विधवा और विकलांग मासिक पेंशन 200 से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। महिला सेल्फ हेल्थ ग्रुप को 7 पर्सेंट पर कर्ज मिलेगा। वहीं बीपीएल परिवार के मुखिया की मौत पर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।

बजट के महत्वपूर्ण बिंदु:-

-सब्सिडी घटाने पर सरकार का जोर

-पेट्रोल पर सब्सिडी घटाने का संकेत

-सीधे ग्राहक तक पहुंचनी चाहिए सब्सिडी

-सब्सिडी को जीडीपी का 2 फीसदी रखा जाए

-एफडीआई पर आम सहमति की कोशिश

-जीएसटी अगस्त 2012 से लागू होगा

-30,000 करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य

-राजीव गांधी इक्विटी योजना लागू होगी

-डीटीसी पर टैक्स का बोझ कम होगा

-रोजमर्रा के खर्च के लिए विदेश से कर्ज ले सकेंगी एयरलाइनें

-सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए वित्तीय होल्डिंग कंपनी बनाने का प्रस्ताव

-बजट सत्र में राष्ट्रीय आवास बैंक विधेयक, सिडबी संशोधन विधेयक, नाबार्ड संशोधन विधेयक पेश होंगे

-छोटे निवेशकों को शेयर निवेश पर आयकर में रियायत देने की नई योजना का प्रस्ताव

-कृषि और सहकारिता क्षेत्र के बजट में 18 प्रतिशत की वृद्धि

-विदेशी एयरलाइनों को भारत में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कार्य करने की अनुमति देने पर विचार

-दो नए मेगा हथकरघा क्लस्टर आध्रप्रदेश और झारखड में खुलेंगे

-किसानों को सात प्रतिशत ब्याज पर रियायती फसली ऋण योजना जारी रहेगी

-राज्यों के साथ मिलकर खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय मिशन शुरू होगा

-दिसंबर 2012 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली नेटवर्क कंप्यूटरीकृत होगा

-मिड डे मील योजना के लिए 11937 करोड़ रुपये।

-सबला योजना के लिए 7050 करोड़ रुपये

-रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ का बजट

-अ‌र्द्धसैनिक बलों के लिए 4000 मकान बनेंगे

-काले धन पर श्वेत पत्र आएगा

-काला धन वापस लाने पर 82 देशों से समझौते

-आधार कार्ड का काम जारी रहेगा

-7 लाख 71 हजार करोड़ रुपये टैक्स से जुटाए

-लघु व मध्यम उद्योग पर 5 हजार करोड़ का खर्च होगा

-पीडीएस का कंप्यूटरीकरण होगा

-नई सार्वजनिक वितरण प्रणाली बनेगी

-शिक्षा पर 25,500 करोड़ का खर्च होगा

-एम्स के अंतर्गत 7 मेडिकल कालेज आएंगे

-पेयजल व शौचालय पर 14 करोड़ व्यय होगा

-आयकर की छूट सीमा 2 लाख तक बढ़ाई गई

-सिंचाई क्षेत्र में 300 से 400 करोड़ का व्यय होगा

-राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन शुरू होगा

-राष्ट्रीय पिछड़ा क्षेत्र अनुदान योजना का परिव्यय बढ़ाकर 12040 करोड़ रुपये

-छात्रों को मिलेगी क्रेडिट गारंटी फंड की सुविधा

-सर्विस व एक्साइज ड्यूटी में 2 फीसदी की वृद्धि

-कुछ सेवाओं को छोड़ कर बाकी सब पर सर्विस टैक्स

-44 फीसदी अधिक राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य

-सस्ते मकान बनाने वाली कंपनियों को विदेशी वाणिज्यक ऋण लेने की अनुमति

-विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये प्राप्त करने का लक्ष्य

-ग्रामीण बुनियादी ढाचा विकास के लिए 20 हजार करोड़

-राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 20822 करोड़

-राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के लिए 1000 करोड़

-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 3915 करोड़ रुपये

-11वीं योजना के दौरान सकल योजनागत परिव्यय के 99 प्रतिशत का उपयोग

-आधार में शामिल होंगे 40 करोड़ लोग

-चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.9 प्रतिशत रहा

-राजस्व घाटा 2,85,752 करोड़ रुपये

-2011-12 में शुद्ध कर प्राप्तिया 771071 करोड़ रुपये

-गैर योजनागत व्यय में 969900 करोड़ रुपये रहने का अनुमान

-प्रत्यक्ष कर वसूली चालू वित्त वर्ष में 32000 करोड़ रुपये कम रही

-कंपनी कर में कोई बदलाव नहीं

-केंद्र का कुल कर्ज जीडीपी का 45 फीसदी

-प्रतिभूति क्रय विक्रय क र की दर घटाई गई

-उत्पाद एवं सेवा कर के लिए साझा कर संहिता बनाने का विचार

-सेवा कर प्रस्तावों से 18660 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व वसूली का अनुमान

-सीमा शुल्क की अधिकतम दरों में कोई तब्दीली नहीं

-उर्वरक संयंत्रों के लिए उपकरणों के आयात को तीन साल के लिए सीमा शुल्क से छूट

-बिजली उत्पादन में काम आने वाली प्राकृतिक गैस, एलएनजी, यूरेनियम को दो साल के लिए सीमा शुल्क से छूट

-आयोडीन के आयात पर शुल्क घटा

-सड़क और राजमार्ग निर्माण में काम आने वाले उपकरणों को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट

-सोने और प्लेटिनम का आयात मंहगा

-हाथ से निर्मित माचिसों पर उत्पाद शुल्क घटकर छह फीसदी

-कीमती विदेशी कारों का आयात महंगा

-चादी के ब्राडेड आभूषण उत्पाद शुल्क से पूरी तरह मुक्त

-सभी प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो पर उत्पाद शुल्क छह फीसदी

-अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से 44940 करोड़ रुपये की आय का अनुमान

-प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से 4500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

-समेकित बाल विकास योजना के लिए 15850 करोड़

बजट 2012-13 के अंतर्गत वित्त मंत्री के पिटारे से निकली नई योजनाएं-

रक्षा क्षेत्र में-

- अगले पाच से 10 साल में रक्षा खरीद पर 100 अरब डालर खर्च करने की योजना

खाद्य व कृषि क्षेत्र में-

- देश के पूर्वी हिस्से में हरित क्राति लाने की योजना

- किसान कार्ड अब एटीएम में भी करेगा काम

- राज्य सरकारों के साथ राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण विधेयक की योजना

-खाद्य सुरक्षा विधेयक लागू करने की योजना

-किसानों को सात प्रतिशत ब्याज पर रियायती फसली ऋण योजना जारी रखने की योजना

स्वास्थ्य क्षेत्र में-

- राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य योजना लागू होगा

शिक्षा क्षेत्र में-

-छात्रों को शिक्षा ऋण के लिए अलग फंड की योजना

तकनीकी क्षेत्र में

-पीडीएस नेटवर्क को कंप्यूटर से जोड़ने की योजना

-नई सार्वजनिक वितरण प्रणाली की योजना

- कंपनियों के लिए 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक के आईपीओ इलेक्ट्रोनिक जरियों से लाने की योजना

इंफ्रास्ट्रक्चर-

- 60 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर बांड जारी करने की योजना

-सस्ते मकान के बिल्डरों को विदेशी कर्ज की मंजूरी

टैक्स व लोन के क्षेत्र में

- अगस्त 2012 तक जीएसटी लागू करने की योजना

- प्रत्यक्ष कर संहिता [डीटीसी] विधेयक जल्द से जल्द लागू करने की योजना

- सस्ते के लिए विदेशी कर्ज को मंजूरी

खाद्य सुरक्षा विधेयक के उद्देश्य हासिल करने के लिए दिसंबर तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली आधार कार्ड के जरिए लागू होगी।

स्वयं सहायता महिला समूहों को तीन लाख रुपये तक के बैंक कर्ज सात प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेंगे। जिसमें समय पर कर्ज लौटाने वालों को चार प्रतिशत पर कर्ज मिलेगा।

12वीं योजना के दौरान बुनियादी ढाचा क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर कर 50 लाख करोड़ रुपये होगा, जिसमें से आधी रकम निजी क्षेत्र से आएगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत 8800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गो का विकास किया जाएगा। 70 हजार गावों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई। ढाई करोड़ खाते चालू होंगे।

राजीव गाधी के नाम पर बचत योजना में 50 हजार रुपये तक के निवेश पर आयकर में रियायत। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश से 2012-13 के दौरान 30 हजार करोड़ रुपये जुटाएगी।

कंपनियों के लिए 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक के आईपीओ इलेक्ट्रानिक जरियों से लाने होंगे। अंशधारक इलेक्ट्रानिक जरिए से ही कर सकेंगे वोटिंग। प्रत्यक्ष कर संहिता [डीटीसी] विधेयक जल्द से जल्द लागू किया जाएगा।

अगले वित्त वर्ष के दौरान बुनियादी ढाचा क्षेत्र का वित्तपोषण बढ़ाकर 60 हजार करोड़ रुपये करने के लिए सरकार कर मुक्त बाड दोगुने करेगी।

पूर्वी भारत में हरित क्रांति के कारण खरीफ सत्र में 70 लाख टन से अधिक धान की उपज हुई। अगले पाच साल में भारत यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा। खेतीबाड़ी के लिए कर्ज 5.75 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य, जो पिछली बार से एक लाख करोड़ रुपये अधिक है। आने वाले वर्षो में पांच प्राथमिकताओं में कुपोषण, काले धन और सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार से निपटना शामिल। 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान आधारभूत संरचना के विकास के लिए 50 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता, जिसमें से आधा निवेश निजी क्षेत्र से होगा। लघु वित्ता संस्थाओं, राष्ट्रीय भूमि बैंक एवं सार्वजनिक ऋण प्रबंधन से संबंधित विधेयकों को 2012-13 के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और नाबार्ड में वर्ष 2012-13 में 15,888 करोड़ रुपये डाले जाएंगे।

नई इक्विटी बचत योजना के तहत 10 लाख रुपये की वार्षिक आय वालों को शेयर बाजार में 50,000 रुपये के निवेश पर आयकर में 50 फीसदी की छूट।