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Monday, 7 May 2012

गुजरात दंगा मामला: मोदी के खिलाफ चलाया जा सकता है अभियोग: न्याय मित्र


गुजरात दंगा मामला: मोदी के खिलाफ चलाया जा सकता है अभियोग: न्याय मित्र

Monday, 07 May 2012 18:16
अहमदाबाद, सात मई (एजेंसी) जाकिया जाफरी की शिकायत पर राजू रामचंद्रन की रिपोर्ट सु्प्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी की रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत है। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को झटका देने वाली एक रिपोर्ट में उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त न्याय मित्र ने कहा है कि साल 2002 के दंगों के दौरान विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता की भावना भड़काने को लेकर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत उनके खिलाफ अभियोग चलाया जा सकता है।
जाकिया जाफरी की शिकायत पर राजू रामचंद्रन की रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल :एसआईटी: की रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत है। एसआईटी ने इससे पहले मोदी और अन्य को क्लीन चिट दी थी।

रामचंद्रन ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ''मेरी राय में श्री मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया चरण में जो अपराध का मामला बनता है, वह हैं आईपीसी की धारा 153 ए :ए: और :बी: जिसका मतलब है धर्म के आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता भड़काना और 153 बी :1: जो राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने से संबंधित है।''
न्याय मित्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ''उनके :मोदी के: खिलाफ आईपीसी की धारा 166 के तहत भी अभियोग चलाया जाना चाहिए जो लोक सेवक के किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने की मंशा से कानून का पालन नहीं करने से संबंधित है जबकि 505 :2: शत्रुता, घृणा या दुर्भावना पैदा करने या उसे प्रोत्साहन देने से संबंधित है।''