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Monday, 1 April 2013

एंटीलिया का भारतः वित्तमंत्री भारत बेचने के लिए दुनिया के दौरे पर है। सत्ता में आने को आतुर संघपरिवार हिंदू राष्ट्र के लिए अमेरिकी और इजराइली वरदहस्त पर निर्भर है तो विचारधारा और अर्थव्यवस्था न समझनेवाली जनता का माई बाप कौन है, जरा गौर कीजिये!


एंटीलिया का भारतः वित्तमंत्री भारत बेचने के लिए दुनिया के दौरे पर है। सत्ता में आने को आतुर संघपरिवार हिंदू राष्ट्र के लिए अमेरिकी और इजराइली वरदहस्त पर निर्भर है तो विचारधारा और अर्थव्यवस्था न समझनेवाली जनता का माई बाप कौन है, जरा गौर कीजिये!

एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास​

समावेशी विकास का नजारा यह है कि आम जनता को रोजी रोटी नहीं, लेकिन देश के अरबपतियों की ठाठ निराली है। हमारे लिए ताजमहल के अलावा दुनिया को दिखाने के लिए अब एंटीलिया है। बजट घाटा के बहाने उद्योग जगत अनिवार्य आर्थिक सुधार लागूकरने के लिएहरसंभव दबाव दे​​ रहे हैं। तीन ट्रिलियन डालर के इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत को बिल्डर प्रोमोटर माफिया कारपोरेट हिंदू राष्ट्र बनाने की तैयारी है।सर्वदलीय सहमति से  एक के बाद एक जनविरोधी लागू करने को तैयार अल्पमत सरकार के प्रधानमंत्री क्षत्रेपों को खुली चुनौती दे रहे हैं कि भला वे दगा कर लें,पर​​ आर्थिक सुधार लागू होकर रहेंगे। क्रांतिकारी लोग मुक्त बाजार के लिए संविधान के रचयिता अंबेडकर को जिम्मेवार ठहराते हैं। वे विद्वान​​ लोग हैं और बहुजन मूक समाज के पास उनके वैज्ञानिक चिंतन और द्वंद्वात्मक विचार पद्धति की कोई काट नहीं है। पर अंबेडकर की रहस्यमय परिस्थितियों के लगभग छह दशक बीत जाने और उदारीकरण के पूरे दो दशक बीत जाने के बावजूद कोई प्रतिरोध आंदोलन खड़ा करने में तो किसी प्रगतिवादी ने कोई पहल नहीं की। संशोधनवादियों ने खुलकर सत्तावर्ग शासक श्रेमी का साथ दिया तो साठ के दशक से क्रांति की निरंतरता ​​के बावजूद इस व्यवस्था को बदलने के लिए कुछ भी संभव क्यों न हुआ, विद्वतजन विचार करें और राह बतलायें। बजट सत्र हमेशा की तरह​​ फालतू मुद्दों पर बीतता चला। बजट पर कोई उल्लेखनीय बहस नहीं हुई और पहली अप्रेल से यह बजट लागू हो जायेगा। घोटालों मे सारे ​​आरोप राष्ट्रपति भवन को लक्षित हैं और संवैधानिक रक्षाकवच के तहत काले धन के कारपोरेट राज को आंच नहीं आनेवाली। अर्थव्यवस्ता की बुनियादी  मुद्दों को संबोधित  किये बिना बहिस्कृत निनानब्वे फीसद जनता पर करों का बोझ लादकर पूंजीपतियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अबाध पूंजी प्रवाह के नाम पर खुली छूट है।विदेशी निवेशकों को रिझाने की कवायद जारी है। वित्तमंत्री भारत बेचने के लिए दुनिया के दौरे पर है। सत्ता में आने को आतुर संघपरिवार हिंदू राष्ट्र के लिए अमेरिकी और इजराइली वरदहस्त पर निर्भर है तो विचारधारा और अर्थव्यवस्था न समझनेवाली जनता का माई बाप कौन है, जरा गौर कीजिये!

अमेरिका की प्रतिष्ठित बिजनेस पत्रिका फोर्ब्‍स ने भारतीय पेट्रो रसायन उद्योग के बेताज बादशाह और दुनिया की शीर्ष कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के बहुचर्चित घर 'एंटीलिया' को 'विश्वभर के अरबपतियों के सबसे महंगे घरों' की सूची में पहले पायदान पर रखा है। फोर्ब्‍स ने अपनी वेबसाइट पर जारी ताजा सूची में शीर्ष अरबपतियों के 20 घरों को स्थान दिया है। फोर्ब्‍स ने करीब 21.5 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के बारे में लिखा, 'पेट्रो रसायन व्यवसायी मुकेश अंबानी का मुंबई स्थित 27 मंजिला घर 'एंटिलिया' धरती पर सबसे महंगा घर है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम विदेशी निवेशकों को आकषिर्त करने के लिये कल जापान जाएंगे। इससे पहले वह निवेशकों को रिझाने के लिये हांगकांग, सिंगापुर तथा यूरोप की यात्रा पर जा चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि तीन दिन की आधिकारिक यात्रा के दौरान चिदंबरम जापान के वित्त मंत्री तथा संस्थागत निवेशकों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री के साथ आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम तथा मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन भी जाएंगे। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने कहा है कि निवेश संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीआई) दो तीन सप्ताह में कुछ बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे सकती है। इस समिति का गठन गत जनवरी में किया गया था। इसका उद्देश्य बड़ी बुनियादी परियोजनाओं पर मंजूरी की प्रक्रिया में शीघ्रता लाना है।

अगले सप्ताह से ट्रेनों में यात्रा करना महंगा हो जाएगा क्योंकि आरक्षण शुल्क और सुपरफास्ट शुल्क में की गयी वृद्धि एक अप्रैल से प्रभाव में आ जाएगी। वैसे रेलवे ने मूल किराया नहीं बढ़ाया है लेकिन उसने आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट एवं तत्काल शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। उस तारीख से टिकट रद्द कराने का शुल्क भी बढ़ जाएगा।

द्वितीय एवं शयनयान श्रेणी के लिए आरक्षण शुल्क नहीं संशोधित किया गया है जबकि एसी श्रेणियों के लिए इसे 15 रूपए से बढ़ाकर 25 रूपए कर दिया गया है।

शयनयान एवं द्वितीय श्रेणी के लिए सुपरफास्ट शुल्क 10 रूपए बढ़ जाएगा। एसी श्रेणियों के लिए यह शुल्क 15 से 25 रूपए बढ़ाया गया है। तत्काल शुल्क द्वितीय श्रेणी के लिए मूल किराये का 10 फीसदी तथा सभी अन्य एसी श्रेणियों के लिए 30 फीसदी बढ़ा दिया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर डी सुब्बाराव अगले महीने यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के एक सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सरकारों द्वारा अपनायी जाने वाली नीतियों पर चर्चा की जाएगी।

आईएमएफ के मुताबिक इस सम्मेलन में विश्व भर के प्रमुख आर्थिक विशेषज्ञ और और नीतिनिर्माता जुटेंगे। साथ ही इसमें गैरकारी और निजी क्षेत्र के संगठनों के प्रतिनिधि वह मीडिया जगत के लोग भी हिस्सा लेंगे।

आईएमएफ के मुख्यालय वाशिंगटन डीसी में 16-17 अप्रैल को होने वाले इस सम्मेलन का शीषर्क है- 'वृहत् आर्थिक नीति-2 पर पुनर्विचार: पहले कदम और प्रारंभिक सीख।' सुब्बाराव 17 अप्रैल को पूंजी खाता प्रबंधन पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस सत्र में मुख्य रूप से पूंजी के प्रवाह पर नियंत्रण, आरक्षित कोष और नकदी के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रावधानों पर चर्चा होगी।

इस सम्मेलन में जार्ज ऐकरलॉफ (कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और आईएमएफ), ओलिवियर ब्लैंचार्ड (एमआईटी, आईएमएफ), डेविड रोमर (कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय) और जोसफ स्टिग्लिज (कोलंबिया विश्वद्यिालय) भी शामिल होंगे।

यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक नरमी और विकसित व विकासशील देशों की अलग-अलग नीतियों के मद्देनजर आयोजित किया जा रहा है।

राजनाथ सिंह की नई टीम का ऐलान हो गया है। गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को संसदीय बोर्ड में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा बीजेपी में वापस लौटी उमा भारती को फिर जगह मिली है और उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया है। राजीव प्रताप रुड्डी को महासचिव बनाया गया है। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान को नई टीम में जगह नहीं दी गई है।शनिवार को नई टीम पर घंटों माथापच्ची होने के बावजूद कोई ऐलान नहीं हो सका था। यहां तक कि अमित शाह को महामंत्री बनाने से लेकर कई और मुद्दों पर पार्टी में आम सहमति नहीं बन पाई थी। लेकिन आज अमित शाह को बीजेपी का महासचिव बना दिया गया है।नई टीम के अनुसार केंद्रीय संसदीय बोर्ड में मोदी सहित 12 लोगों को शामिल किया गया है नए संसदीय बोर्ड के सदस्य हैं राजनाथ सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, एम वैंकेया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नरेंद्र मोदी, अनंत कुमार, थावर चंद्र गहलोत और रामलाल।

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह द्वारा घोषित नयी टीम को विभिन्न तबकों और देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली संतुलित टीम बताते हुए पार्टी नेताओं ने आज कहा कि यह आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाएगी।

भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'राजनाथ सिंह की भाजपा की नई टीम में सभी तबकों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व है जिसे पार्टी के सभी नेताओं के साथ सलाह-मशविरा के बाद घोषित किया गया है। यह टीम पार्टी को आगामी आम चुनावों में जीत दिलाएगी। चाहे पिछड़ा वर्ग हो या अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, महिला और युवा सबको पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है। यह एक उत्तम टीम है।'

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'यह काफी संतुलित टीम है जो भाजपा को जीत दिलाएगी और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगी क्योंकि वे मौजूदा संप्रग सरकार से उब चुके हैं।' पार्टी की एक अन्य प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा, 'सभी तबकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है। युवाओं को मौका दिया गया है और नयी टीम में पर्याप्त युवा हैं।' पार्टी की एक अन्य प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि भाजपा ने 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी आम चुनावों से पहले पार्टी ने खुद को फिर से संगठित किया है।

पार्टी नेता विनय कटियार ने कहा कि यह एक 'संतुलित' टीम है और उन्होंने विश्वास जताया कि यह पार्टी को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जीत दिलाएगी। सिंह की नई टीम में 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और सात प्रवक्ताओं के अतिरिक्त 19 सदस्यीय केंद्रीय निर्वाचन समिति और पांच सदस्यीय केंद्रीय अनुशासनात्मक समिति शामिल है। पार्टी का 12 सदस्यीय केंद्रीय संसदीय बोर्ड है। यह निर्णय करने वाला भाजपा का सर्वोच्च निकाय है।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए 'संपूर्ण परिवर्तन' जरूरी : अन्ना

जालंधर/अमृतसर : पंजाब के अमृतसर से अपनी 'जनतंत्र यात्रा' शुरू करने वाले समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार रात यहां पहुंचने के बाद लोगों से देश में 'संपूर्ण परिवर्तन' लाने की अपील करते हुए कहा है कि वह देश के नाम पर कसम खाएं कि आगामी चुनावों में रिश्वत लेकर मतदान नहीं करेंगे और साफ सुथरी छवि वाले लोगों को ही चुनकर संसद में भेजेंगे।

अमृतसर से व्यास और कपूरथला होते हुए यहां पहुंचे अन्ना ने स्थानीय देशभगत यादगार हाल परिसर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'आप सबके मन में एक ही बात होनी चाहिए- संपूर्ण परिवर्तन। इसी संपूर्ण परिवर्तन के जरिए हम भ्रष्टाचार मुक्त भारत बना सकते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो गुंडे हमारे ऊपर राज करते रहेंगे।'

अन्ना ने कहा, 'भ्रष्ट और दागी नेता संसद में जाने के लिए लोगों को रिश्वत देते हैं और हम सब रिश्वत लेकर उनके पक्ष में मतदान करते हैं। मैं आप सब लोगों से अपील करता हूं कि आज शाम आप भारत माता की कसम खाएं कि आगामी चुनावों में आप रिश्वत लेकर मतदान नहीं करेंगे और केवल साफ सुथरे छवि वाले नेताओं को वोट देकर संसद में भेजेंगे।'

अन्ना ने कहा, 'जबतक आवाम ऐसा नहीं करेगी तब तक आम आदमी के हक में कानून नहीं बनेंगे इसलिए जरूरी है कि हम केवल अच्छे और बेदाग छवि वाले नेताओं को चुनकर संसद में भेजें क्योंकि जब तक अच्छे लोग संसद में नहीं जाएंगे तब तक 'संपूर्ण परिवर्तन' की हमारी कोशिश बेकार होगी।' उन्होंने कहा कि समाज और देश को भ्रष्टाचारियों के चंगुल से मुक्त करने के लिए संपूर्ण परिवर्तन लाना आवश्यक है।

इससे पहले अन्ना ने अमृतसर से 40 किलोमीटर दूर राया शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 'जनतंत्र यात्रा' का एकमात्र उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए ईमानदार उम्मीदवार लाना है ताकि आपराधिक एवं भ्रष्ट पृष्ठभूमि वाले अपराधियों को चुनाव से दूर रखा जा सके। इससे पहले 75 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता ने यात्रा शुरू करने से पहले दुर्गयाना मंदिर एवं स्वर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की और जालियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

जलियांवाला बाग के बाहर लोगों के समूह को संबोधित करते हुए हजारे ने कहा कि जन आंदोलन के माध्यम से ही देश में बदलाव लाया जा सकता है। उनके साथ पूर्व सेना प्रमुख वी. के. सिंह भी थे। हजारे ने कहा कि पांच महीने के बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी जनसंसद आयोजित की जाएगी जो इस भ्रष्ट सरकार के भाग्य का फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि 'जनतंत्र यात्रा' के बैनर तले 25 सूत्री एजेंडा की मांग के लिए जन रैली का आयोजन किया जा रहा है ताकि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के खिलाफ लोगों का समर्थन हासिल किया जा सके और जन लोकपाल बिल पर हुए धोखे से लोगों को अवगत कराया जा सके।

'जनतंत्र यात्रा' के पहले चरण के दौरान पंजाब में वह आठ सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करेंगे। अन्ना ने अपनी बीती जिंदगी के बारे में बताया और कहा कि पंजाब हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पंजाब में उन्हें 'दूसरी जिंदगी' मिली क्योंकि युद्ध के दौरान वह बाल-बाल बचे थे।

पूर्व सेना प्रमुख वी.के. सिंह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना में अपने कार्यकाल के दौरान पंजाब के लोगों को देखा कि उनमें काफी ऊर्जा है और कठिन परिस्थितियों में सबसे कठिन कार्य कर सकते हैं। सिंह ने पूर्व सैनिकों और समाज के हर तबके के लोगों से सहयोग मांगा ताकि देश की भलाई के लिए बदलाव लाया जा सके।

इसके बाद अन्ना हजारे और सिंह ने अमृतसर से 45 किलोमीटर दूर ब्यास में डेरा बाबा जैमल सिंह का दौरा कर राधा स्वामी संप्रदाय के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संप्रदाय के प्रमुख के साथ करीब एक घंटा बिताया। अन्ना हजारे ने संप्रदाय के प्रमुख को अपनी 'जनतंत्र यात्रा' के बारे में भी जानकारी दी।

एक मजे की खबर भी आ रही है।राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर सरकार और चुनाव आयोग में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। आयोग पार्टियों को चंदे में मिलने वाली राशि से जुड़े कानून में संशोधन के मुद्दे पर केंद्र से सहमत नहीं है। आयोग ने मंत्रालय की राय से असहमति जताते हुए कहा है कि 'फॉर्म 24ए' में प्रस्तावित संशोधनों के लिए चुनाव कानून में सुधार जरूरी नहीं है।

हाल में कानून मंत्रालय ने चुनाव आयोग को एक जवाब में बताया था कि 20 हजार रुपये की सीमा खत्म करने और दलों को दिए गए सभी चंदे की अनिवार्य घोषणा की मांग विधि आयोग को भेज दी गई है। इसके लिए जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 में संशोधन की जरूरत होगी। इसके बाद आयोग ने कानून मंत्रालय को दूसरे पत्र में लिखा है कि 'फॉर्म 24ए' में संशोधन प्रस्ताव को कार्यान्वित करने के लिए मंत्रालय को केवल नियम अधिसूचित करने होंगे। इसके लिए जन प्रतिनिधित्व कानून में किसी बदलाव की जरूरत नहीं होगी। आयोग ने कहा है कि जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 29सी के तहत पार्टियों को चंदा देने वाले का पैन, पता, चंदा देने के तरीके [चेक, ड्राफ्ट, नकद] का ब्योरा देने का जिक्र नहीं है, लेकिन 'फॉर्म 24ए' ये सभी विवरण देने को अनिवार्य बनाता है। सूत्रों का कहना है कि यह चुनाव कराने संबंधी नियम, 1961 के तहत होता है। ये नियम जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के निर्माण के लिए हैं। साथ ही अधिकारियों को कुछ खास नियम सुझाने की अनुमति देता है। उन्होंने कहा कि आयोग ने कानून में बदलाव करने को नहीं, बल्कि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने के उद्देश्य से नियमों के संबंध में सिर्फ एक अधिसूचना के लिए कहा है।

अक्टूबर 2012 में चुनाव आयोग ने 'फॉर्म 24ए' में संशोधन का सुझाव दिया था, जो राजनीतिक दलों के लिए हर साल मिलने वाले 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे का ब्योरा देना अनिवार्य करता है। आयोग ने सलाह दी थी कि 20 हजार रुपये की सीमा को खत्म किया जाना चाहिए, ताकि दलों को स्वेच्छा से दिए जाने वाले हर चंदे का ब्योरा अनिवार्य रूप से देना पड़े।

दुनिया में सफल होने के लिए अंग्रेजी सीखें: थरूर

त्रिशूर : आधुनिक दुनिया में सफलता हासिल करने के लिए अंग्रेजी सीखने पर जोर देते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने कहा है कि बच्चों को यह भाषा सीखने का अवसर नहीं देने से उनका भविष्य बर्बाद हो सकता है।

पाठ्यक्रम सुधार के बारे में यहां दो दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए थरूर ने कहा कि आज के उदारीकरण एवं वैश्विकरण की आधुनिक दुनिया में अगर केरलवासी सफल होना चाहते हैं तक उन्हें अंग्रेजी सीखनी चाहिए।

उन्होंने कहा, 'हमारे बच्चों को अंग्रेजी सीखने का अवसर नहीं देने से उनका भविष्य समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी कुछ लोगों का ही विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए।'

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनयिक थरूर ने हालांकि कहा कि मलयालम निश्चित तौर पर केरल के लोगों पहली भाषा होनी चाहिए और अंग्रेजी दूसरी भाषा।

2015 तक गुजरात को बनाएंगे हिंदू राज्य : तोगड़िया

अहमदाबाद : विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने आज दावा किया कि अगले दो साल में गुजरात के सभी 18000 गांवों में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के अलावा विहिप 2015 तक इस राज्य को 'हिंदू राज्य' घोषित करेगी।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने यहां 'हिंदू संगम' में कहा, 'दो सालों में विहिप गुजरात के सभी 18 हजार गांवों में उपस्थिति दर्ज कराएगी और वर्ष 2015 तक हम गुजरात को हिंदू राज्य घोषित कर देंगे।' विहिप ने 'हिंदुओं की सुरक्षा और समृद्धि के लिए हिंदू अग्रसर' नामक आंदोलन शुरू करने के लिए इस कार्यकम का आयोजन किया था। इस आंदोलन का लक्ष्य गांवों, शहरों, नगरों एवं आदिवासी क्षेत्रों में हिंदुओं तक पहुंचना है।

'सुरक्षित हिंदू' का मुद्दा उठाते हुए तोगड़िया ने कहा, 'सुरक्षित रहने और समृद्ध बनने के लिए हिंदुओं को सही मायनों में सक्रिय हिंदू बनकर तैयार होना पड़ेगा।' हालांकि इस कार्यक्रम से मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति चर्चा का विषय थी क्योंकि जिस इलाके में यह कार्यक्रम हुआ वह मोदी के विधानसभा क्षेत्र में आता है। अतीत में गांधीनगर एवं अहमदाबाद में अवैध मंदिरों को तोड़ने समेत कई मुद्दों पर मोदी और गुजरात विहिप में टकराव रहा है।

भागवत ने किया 'भव्य राम मंदिर' का आह्वान

अहमदाबाद : गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा संसदीय बोर्ड में शामिल किए जाने के बाद रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने राज्य की राजधानी में राम मंदिर का मुद्दा उठाया और 'भव्य श्रीराम मंदिर' निर्माण की इच्छा व्यक्त की।

विश्व हिंदू परिषद की ओर से यहां आयोजित 'हिंदू संगम' को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, 'हमें भारत में अच्छे, ईमानदार और सच्चे हिंदुओं का निर्माण करना पड़ेगा क्योंकि अब समूचा संसार हिंदुओं का अनुसरण करेगा।' भागवत ने कहा, 'निकट भविष्य में हम एक भव्य श्रीराम मंदिर के लिए बड़े पैमाने पर 'विजय मंत्र' का जयघोष करेंगे।' संघ प्रमुख की यह घोषणा अपने समय की वजह से काफी अहम है। इसे अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कुछ तबकों की ओर से अक्सर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार करार दिए जाने वाले मोदी को आज पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्माण इकाई, संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है।

भागवत ने कहा, 'मंच सजा दिया गया है ताकि हिंदू संसार का बौद्धिक नेतृत्व संभालें। समूचे संसार के पास हिंदुओं का अनुसरण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।' सरसंघचालक ने कहा, 'यूं तो बौद्धिक रूप से हिंदुओं ने संसार में अपना नेतृत्व कायम किया है लेकिन भौतिक तौर पर इसकी कमी रही है। एक हिंदू जितना अपने विचारों से हिंदू होता है उतना अपने व्यवहार में नहीं होता। हमें इसे बदलना होगा।'