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Sunday, 31 March 2013

मोदी की प्रशंसा के लिए किया गया था भुगतान: रिपोर्ट




मोदी की प्रशंसा के लिए किया गया था भुगतान: रिपोर्ट

Saturday, 30 March 2013 17:33
गांधीनगर, वाशिंगटन । अमेरिकी कांग्रेस के तीन सदस्यों द्वारा हाल में की गई गुजरात की यात्रा के लिए धन मुहैया कराने का आरोप है। जिसमें कांग्रेस सदस्यों के यात्रा की वैधता पर सवाल उठाए गए है। अमेरिकी कांग्रेस के इन सदस्यों ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका यात्रा के लिए वीजा दिलाने का प्रयास करने की बात कही थी।
अमेरिकी कांग्रेस के तीन सदस्यों ऐरॉन शॉक, सिंथिया लूमिस और कैथी एम रोजर्स समेत अमेरिकियों के एक समूह और कुछ व्यापारी इन खबरों के बाद विवाद में घिर गए हैं कि इस यात्रा के लिए प्रत्येक सदस्य को तीन हजार डॉलर :160000 रुपये: से 16000 डॉलर : आठ लाख 68 हजार रुपये: तक अदा किए होंगे।
शिकागो के नेशनल इंडियन अमेरिकन पब्लिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट :एनआईएपीपीआई: ने यात्रा का आयोजन किया था। इसके तहत बेंगलूर, तिरुपति, जयपुर, रणथंबौर बाघ अभयारण्य, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और बॉलीवुड की यात्रा करनी थी।
टीम ने गुरुवार को मोदी से मुलाकात की थी और उनके काम की तारीफ की थी और उन्हें अमेरिका आने का न्यौता दिया था। उन्होंने कहा था कि वे उन्हें वीजा दिलाने के लिए काम करेंगे। साल 2002 में गुजरात में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में कथित भूमिका के लिए अमेरिका ने मोदी को वीजा देने से मना कर दिया था।
अमेरिका में एक भारतीय दैनिक में यात्रा के संबंध में रिपोर्ट के बाद कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर हमला शुरू कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, ''यह शर्मनाक है कि :अमेरिकी: कांग्रेस सदस्यों को वीजा हासिल करने और मोदी को विकास का प्रमाण पत्र देने के लिए धन का भुगतान किया गया।''
ओवरसीज भाजपा के संयोजक विजय जॉली ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों ने अपना धन खर्च किया और इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।
आरोपों के बारे में पूछे जाने पर शॉक ने पहले प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूछा कि क्या मामला है।
शॉक ने कहा, ''मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हमारी यहां की यात्रा को हमारी सरकार के उचित अधिकारियों ने मंजूरी दी थी और विशेष तौर पर प्रतिनिधि सभा ने। मैं कहूंगा कि अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य ऐसे ही देश से रवाना नहीं हो गए।''
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं इसके सूक्ष्म भेद में नहीं पड़ने जा रहा। निश्चित तौर पर कुछ लोगों को यह बात रास नहीं आई है कि हम यहां हैं। हम जो यहां कह रहे हैं उससे शायद कुछ लोग सहमत नहीं हैं। लेकिन अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य के नाते हमें यहां आने का मुक्त अधिकार है।''
शॉक ने कहा कि उन्होंने इस यात्रा को वैध बनाने के लिए तमाम नियम-कानूनों का पालन किया है।