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Wednesday, 22 February 2012

रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को सौ अरब डालर के टर्न ओवर का लक्ष्य दिया इस्पात उद्योग की घरेलू समस्याएं अभी उनके लिए सरदर्द बनी हुई है


रतन टाटा  ने साइरस मिस्त्री को सौ अरब डालर के टर्न ओवर का लक्ष्य दिया इस्पात उद्योग की घरेलू समस्याएं अभी उनके लिए सरदर्द बनी हुई है

मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास


रतन टाटा  ने टाटा समूह के नए चेयरमैन साइरस मिस्त्री को सौ अरब डालर के टर्न ओवर का लक्ष्य दिया है। मुंबई में समूह से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए साइरस हर संभव प्रयत्न कर रहे हैं।सिर्फ साइरस को नहीं , रतन टाटा ने सौ अरब दालर के टर्न ओवर  लक्ष्य के बारे में समूह के सभी बड़े प्रबंधकों को आगाह कर दिया है।टाटा समूह एक निजी व्यवसायिक समूह है जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है ।

मालूम हो कि हाल ही में शापूरजी पालोनजी ग्रुप के एमडी साइरस मिस्त्री को रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया है। साइरस के लिए समूह की जिम्मेवारी संभलने के बाद रतन टाटा ने इतना बड़ा लक्ष्य तय कर उन्हें अपने चयन को सिद्ध करने और आलोचकों को मुंहतोड़ड जवाब देने का मौका दिया है, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।उत्तराधिकारी चुने जाने के बाद मिस्त्री ने कहा था कि वह अपने परिवार से जुड़े कारोबार से अपने आपको अलग कर लेंगे। मिस्त्री को ग्लोबल कारोबार की दुनिया में युवा उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। मिस्त्री की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब टाटा में कई अहम पदों पर युवा चेहरों को तरजीह दी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रतन टाटा ने ग्लोबल कारोबार बढ़ाने की दिशा में पहले ही जो पहल कर दी है, उसे आगे बढ़ाकर साइरस आसानीसे यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे। टाटा स्टील प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से दक्षिण अफ्रीका में आयरन ओर का कारोबार करने का फैसला किया है। इसके लिए उसे लाइसेंस मिल चुका है। पर इस्पात उद्योग की घरेलू समस्याएं अभी उनके लिए सरदर्द बनी हुई है।अर्थव्यवस्था में विनिर्माण और बुनियादी ढांचा उद्योग के विकास में सहायक देसी इस्पात कारोबार को अप्रत्याशित मंदी का सामना करना पड़ रहा है।केंद्र सरकार को भी फिलहाल इस क्षेत्र में सुधार होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। अप्रैल में शुरू होने वाली अगली पंचवर्षीय योजना की तैयारी कर रहे इस्पात मंत्रालय को आशंका है कि इस्पात की मांग दसवीं पंचवर्षीय योजना के मुकाबले कम रह सकती है। हालांकि दोनों विकास सूचकांक में मौजूदा योजना के मुकाबले मामूली इजाफा होगा।

इस बीच बाजार में भारी उतार-चढ़ाव नजर आ रहा है और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बने हुए हैं। दोपहर 1:50 बजे, सेंसेक्स 24 अंक गिरकर 18404 और निफ्टी 13 अंक गिरकर 5594 के स्तर पर हैं।चालू वित्त वर्ष की दिसंबर, 2011 को समाप्त तिमाही के दौरान मेटल सेक्टर की कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के नतीजे निराशाजनक रहे। टाटा स्टील को अपनी यूरोपीय इकाइयों के कमजोर प्रदर्शन की मार झेलनी पड़ी। हालांकि, जेएसडब्लू स्टील के नतीजे बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहे।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट है। रियल्टी, मेटल, बैंक शेयर 1.5 फीसदी कमजोर हैं। ऑटो, एफएमसीजी, पावर और सरकारी कंपनियों के शेयरों में 0.25-0.5 फीसदी की कमजोरी है।

स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, एसबीआई, डीएलएफ 5-3.5 फीसदी टूटे हैं। जिंदल स्टील, भारती एयरटेल, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा पावर, एमएंडएम, गेल, टाटा स्टील, एचयूएल 2-1 फीसदी कमजोर हैं।

टाटा स्टील की यूरोपीय इकाई टाटा स्टील यूरोप (टीएसई) व इसके दक्षिण-पूर्व एशियाई कारोबार का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। हालांकि, रुपये की मद में अच्छे रियलाइजेशन की वजह से कंपनी की कंसोलिडेटिड बिक्री 13.8 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 33,103 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। लेकिन, कंपनी का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 6.1 फीसदी घट गया। स्टैंडअलोन आधार पर जेएसडब्लू स्टील की शुद्ध बिक्री बाजार की उम्मीद के अनुरूप रही। तीसरी तिमाही में कंपनी की बिक्री में 35.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसकी मुख्य वजह रही इसकी वॉल्यूम में दर्ज की गई 20 फीसदी की बढ़त। कंपनी के एडजस्टेड शुद्ध मुनाफे में 74.8 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कि बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा थी। लेकिन, लौह अयस्क की उपलब्धता के मामले में जानकारों को जेएसडब्लू स्टील को लेकर खासी चिंता है।




सूत्रों के मुताबिक मौजूदा योजना के कार्यकाल के दौरान इस्पात के उत्पादन और उपभोग मे काफी गिरावट देखने को मिली। इस दौरान इस्पात का उत्पादन 5.8 फीसदी और उपभोग 8.8 फीसदी रहा, जो 10वीं योजना की तुलना में क्रमश: 9.4 फीसदी और 10.4 फीसदी था। 12वीं योजना के दौरान इस्पात उद्योग के लिए दहाई अंक की विकास दर हासिल करना बेहद मुश्किल लग रहा है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 8 फीसदी से ज्यादा रहने के अनुमान के बावजूद भी 2017 तक इस्पात उपभोग में 9.1 फीसदी विकास की उम्मीद है। पिछले चार साल के दौरान इस्पात की मांग में 8.8 फीसदी बढ़ोतरी हुई है जबकि दसवीं योजना में यह दर 10.4 फीसदी की रही थी। चालू वित्त वर्ष उपभोग में 4.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 6.2 फीसदी था। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वर्ष 2011-12 मे अप्रैल से जनवरी के दौरान 568 लाख टन स्टील का उपभोग किया गया।

इस्पात उन आठ मुख्य ढांचागत उद्योगों में से जिनका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में कुल भारांश 38 फीसदी है। इस मामले में कई सारी दिक्कतें हैं। ऐतिहासिक रूप से मांग में आई कमी, नई परियोजनाओं को पूरा करने में देरी की वजह से आपूर्ति में गिरावट देखी जा रही है। इसके साथ ही कोयला और लौह अयस्क क्षेत्र भी खनन संबंधी मुश्किलों से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से भी इस्पात क्षेत्र में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

सेल और आरआईएनएल जैसी इस्पात दिग्गज कंपनियों की उत्पादन क्षमता में आई गिरावट से भी सरकार की मुश्किलें बढ़ रही हैं। 12 वीं पंचवर्षीय योजना के लिए तत्कालीन इस्पात सचिव पी के मिश्रा की अध्यक्षता मे गठित सरकारी कार्यकारी समूह ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा, '12वीं योजना के लागू होने के ठीक पहले घरेलू मांग में कमी के आसार हैं। इसके अलावा वृहद आर्थिक सूचकांकों के मुताबिक भी भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक मंदी के संकेत मिल रहे हैं। निवेश पर इसका असर पडऩा तय है।'

इस बीच साइरस और समूह के लिए अच्छी खबर यह है कि  टाटा मोटर्स की नन्ही नैनो अब जल्दी ही बांग्लादेश की सड़कों पर दौड़ती दिखेगी।टाटा मोटर्स ने अपने 18 साल पुराने उत्पाद टाटा सूमो को नई तकनीक के साथ बतौर 'टाटा सूमो गोल्ड' राजस्थान के बाजार में उतारा है। टाटा मोटर्स के यूटीलिटी व्हीकल्स प्रोडक्ट ग्रुप के प्रमुख अशेष धर ने बताया कि करीब 15 किमी प्रति लीटर माइलेज के साथ इसका इंजन अपनी श्रेणी के सभी वाहनों के इंजन से आगे है। बेहतरीन पावर और कम से कम गियर बदलने के लिए 250 एनएम टार्कयुक्त पिकअप इस श्रेणी के वाहनों में श्रेष्ठता प्रदान करता है।

टाटा कम्यूनिकेशंस लिमिटेड अगले दो वर्षों में अपने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार को बढ़ाने के लिए 20-25 करोड़ डॉलर का खर्च करने की योजना है। कंपनी  मोबाइल, ब्रॉडबैंड, वीडियो, पनडुब्बी के बल और डाटा सेंटर की संख्या बढ़ाने के लिए इस धन का उपयोग करेगी। टाटा कम्यूनिकेशंस के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि कंपनी कारोबार बढ़ाने के लिए 50-60 करोड़ डॉलर इक्विटी इश्यू द्वारा धन उगाही की योजना है जिससे कारोबार बढ़ाने मदद मिलेगी।कंपनी अपने ग्लोबल वॉयस कारोबार में वृद्धि दर्ज की है और हम अपने ग्लोबल डेटा कारोबार पर फोकस कर रहे हैं। कारोबार को बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में हमने डाटा और और मैनेज्ड सॢवस कारोबार को एक साथ मिलाकर काम किया है। इससे कंपनी को लक्ष्य पाने अधिक सहायता मिली है। कंपनी को 31 दिसम्बर 2011  की समाप्त तीसरी तिमाही में 153.06 करोड़ रुपए का घाटा हुआ जो पिछले वर्ष की समान अवधी में 181.38 करोड़ रुपए रहा।

निजी क्षेत्र की अग्रणी बिजली कंपनी टाटा पावर ने कहा है कि वह इंडोनेशिया के एक संयुक्त उपक्रम में करीब 12.5 करोड़ डॉलर इक्विटी निवेश करेगी। यह संयुक्त उपक्रम इंडोनेशिया में 240 मेगावाट क्षमता वाली एक जियोथर्मल परियोजना स्थापित करने के लिए बनाया गया है।

कंपनी अपने कंसोर्टियम पार्टनर ऑस्ट्रेलिया की ओरिजिन एनर्जी तथा पीटी सुप्राको इंडोनेशिया के साथ उत्तरी सुमात्रा में सोरिक मारापी नाम की जियोथर्मल परियोजना स्थापित कर रही है।


बांग्लादेश में नैनो की डीलरशिप रखनेवाली कंपनी 'निटोल निलाय समूह' ने आज बताया कि बांग़्लादेश में मार्च से टाटा की नैनो सड़कों पर दिखने लगेगी। कंपनी के अध्यक्ष अब्दुल मतलूब अहमद ने कहा कि उनकी कंपनी की शुरूआती तौर पर भारत से 2 हजार नैनो गाड़ियों का आयात करने की योजना है।

श्री अहमद ने बताया कि बांग्लादेश में नैनो की कीमत 5 लाख टका के करीब होगी। उन्होंने कहा कि अपनी गुणवत्ता और टिकाऊपन के लिए वैसे तो जापान की सेकेंड हैंड गाड़ियां उनके देश में काफी लोकप्रिय हैं लेकिन वह काफी मंहगी हैं। ऐसे में कीमत के लिहाज से नैनो अच्छा करोबार कर सकती है और अगले एक दो वर्षों में देश में करीब 10 हजार नैनो गाड़ियां बिकने की उम्मीद है।

श्री अहमद ने कहा कि नैनो को पिछले वर्ष अकटूबर में ही बंगलादेश के आटो बाजार में आ जाना था लेकिन कीमतों को लेकर कुछ विवाद के कारण इसमें देरी हुई। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी सिर्फ नैनो की डीलरशिप तक ही खुद को सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि बांग्लादेश में नैनो की एसेंबलिंग संयंत्र भी लगाना चाहती है।

गौरतलब है कि देश की प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनी टाटा मोटर्स अपनी छोटी कार नैनो के लिए अगले 12 महीने में 230 शोरूम लांच करेगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक (भारतीय ऑपरेशंस) पीएम तेलंग ने बताया कि हमारी योजना अगले साल भर में 230 एक्सक्लुसिव नैनो शोरूम खोलने की है। फिलहाल कंपनी के 120 एक्सक्लुसिव नैनो शोरूम हैं। उन्होंने बताया कि श्रीलंका और नेपाल नैनो के लिए सबसे 'मुफीद' निर्यात बाजार हैं। टाटा समूह चाय से लेकर सॉफ्टवेयर तक के कारोबार से जुड़ा है। टाटा समूह की इकाई टाटा मोटर्स की रेंज में नैनो से लेकर ब्रिटेन की लैंड रोवर और जगुआर तक कारें शामिल हैं।
 

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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/