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Friday, 30 March 2012

टाट्रा ट्रक डील मामले में सीबीआई ने दर्ज किया मामला



टाट्रा ट्रक डील मामले में सीबीआई ने दर्ज किया मामला

Friday, 30 March 2012 16:47
नयी दिल्ली, 30 मार्च (एजेंसी) सीबीआई ने सरकारी स्वामित्व वाले बीईएमएल के जरिये सेना को हर परिस्थिति में काम करने वाले टाट्रा ट्रकों की आपूर्ति के संबंध में आज एक मामला दर्ज करने के साथ ही वेक्ट्रा समूह के अध्यक्ष रवि रिषि को पूछताछ के लिए बुलाया जो कि टाट्रा में बहुलांश हिस्सेदार हैं। 
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि ब्रिटिश नागरिक रिषि रक्षा प्रदर्शनी के सिलसिले में राजधानी दिल्ली आये हुए हैं। उन्हें इस सौदे में कथित अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ करने के लिए बुलाया गया है। 
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई निदेशक ए पी सिंह ने उस रिपोर्ट की जांच की है जो कि एजेंसी के एक संयुक्त निदेशक ने भेजी है जिसमें माना गया है कि इस संबंध में एक मामला बन सकता है और इस मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता है। 
यह सौदा उस समय जांच के घेरे में आ गया था जब सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें ट्रकों से संबंधित फाइल पारित करने के लिए 14 करोड़ रुपये रिश्वत की पेशकश की गई थी। 
रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई को जांच के लिए कहा है। हालांकि सीबीआई जनरल सिंह के आरोपों की जांच शुरू करने के लिए उनकी ओर से एक शिकायत का इंतजार कर रही है। 
सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की ओर से जांच के लिए कहे जाने के आधार पर एजेंसी दो और अलग अलग मामले दर्ज करेगी। इसमें से एक सौदे से संबंधित होगा जबकि दूसरा कथित रिश्वत पेशकश से संबंधित है। 
सरकारी स्वामित्व वाले बीईएमएल प्रमुख वी आर एस नटराजन ने टाट्रा ट्रकों के लिए आर्डर प्राप्त करने के लिए एजेंट और लॉबिस्ट के शामिल होने को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा, ''गत 26 वर्ष के दौरान वर्ष 1996 के बाद से बीईएमएल ने सात हजार टाट्रा ट्रकों को जोड़ा, निर्माण और आपूर्ति की। ये सभी एकल नामांकन आधार और एकल जांच आधार पर किया गया।'' 
उन्होंने कहा, ''उन्नत प्रौद्योगिकी सुविधाओं वाले ऐसे उपकरण विश्व में कोई और नहीं बनाता। जब मैं एकल आपूर्तिकर्ता हूं और कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, किसी भी प्रभाव की आवश्यकता नहीं।''
टाट्रा और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का नाम सेना की ओर से उस प्रेस विज्ञप्ति में लिया गया है जो उसकी ओर से गत पांच मार्च को जारी की गई थी। इस प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने टाट्रा और वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी।