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Wednesday, 23 May 2012

महिलाओं ने वन माफियाओं को दबोचा


महिलाओं ने वन माफियाओं को दबोचा



रेंज कार्यालय के लोग रात भर महिलाओं को समझाने में लगे रहे कि वह लकड़ी चोरों को छोड़ दें, लेकिन महिलाए टस से मस नहीं हुईं और जंगल काटने वालों के खिलाफ कार्रवाही न होने पर धरने पर बैठ गयीं...
विजय विनीत
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रेनुकूट वन प्रभाग के झौली गांव में 18 मई की रात कई महिलाओं ने लकड़ी माफियाओं के ट्रैक्टर को घेर कर अपने कब्जे में ले लिया. अँधेरा होने के कारण ट्रैक्टर पर सवार लोग भागने में सफल रहे. मगर ट्रैक्टर को लेकर महिलायें दुद्धी वन रेन्ज कार्यालय जा पहुंची. वन विभाग के लोग पहले लकड़ी काटने वालों को बचाने में लगे रहे लेकिन महिलाओं के तेवर देख न सिर्फ उनके उपर प्राथमिकी दर्ज की गयी बल्कि डीएफओ ने लकड़ी लदे ट्रैक्टर को राष्ट्रीय संम्पति घोषित करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। ट्रैक्टर पर महँगी लकड़ी साखु लड़ी हुई थी. 
सोनभद्र के विंढ़मगंज थाना क्षेत्र के मझौली गांव के आस पास के जंगल में स्थानीय वन कर्मियों की मिली भगत से लम्बें अरसे से कीमती लकडियों की कटान हो रही थी । इसे वहां की आदिवासीय महिलाएं  लगातार रोकने के लिए वन विभाग का चक्कर लगाती थीं । लेकिन उनकी बातें हमेशा अनसुनी की जाती रहीं । इस पर राष्ट्रीय वन जन श्रम जीवि मंच से जुड़ी महिलाए सुकालो,विनीता,ने गांव की अन्य महिलाओं व पुरूषों से मिलकर इसे स्वयं रोकने की रणनीति बनाई।अन्ततः इनकी मेहनत रंग लाई और ग्रामीणों ने वन काटने वालों को सबक सिखाने का मन बना लिया। 
शुक्रवार की रात आधा दर्जन लोंगों ने जंगल में घुसकर लकड़ी काटना शुरू किया। यह देख कई ग्रामीण महिलाओं  व पुरुषों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही लकड़ी का बोटा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर चलने की तैयारी हुई महिलाओं ने सभी को दबोच लिया । रात अन्धेरी होने से किसी तरह सभी भाग निकले । इसके बाद महिलाएं  ग्राम प्रधान गोविन्द व विनोद के माध्यम से रात में ही ट्रेक्टर लेकर दुद्धी वन रेन्ज कार्यालय जा पहुंची। 
रेंज कार्यालय के लोग रात भर महिलाओं को समझाने में लगे रहे कि वह लकड़ी चोरों को छोड़ दें, लेकिन महिलाए टस से मस नहीं हुईं और जंगल काटने वालों के खिलाफ कार्रवाही न होने पर धरने पर बैठ गयीं। इसकी जानकारी होते ही प्रभागीय वनाधिकारी  ने रेंज कर्मियों को फटकार लगाते हुए कीमती लकड़ी काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाही करने का निर्देश दिया। डीएफओ का तेवर देख रेंज कर्मियों ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम रवाना कर दिये । 
डीएफओ ने बताया कि जिस ट्रैक्टर पर लकड़ी लदी थी, उसे राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने की कार्रवाही भी शुरू कर दी गयी है। जनपद में यह पहली कार्यवाही है जब किसी वाहन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने की पहल शुरू की गयी है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय वन जन श्रम जीवी मंच की संयोजक रोमा ने कहा है कि जिन महिलाओं ने यह साहस का काम किया है, उन्हें पर्यावरण दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। महिलाओं के इस कार्य की क्षेत्र में प्रसंशा हो रही है।